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Monday, July 25, 2011

"ग़ज़ल"


"ग़ज़ल"

हवाओ से कह दो बहना छोड दे,
भोरो से कह दो मंडराना छोड दे,
कलियो से कह दो चटकना छोड दे,
बदलो से कह दो गरजना छोड दे,
बिजलियो से कह दो चमकना छोड दे,
जब ये हो नही सकता,
फिर मुझसे क्यू कहते हो,
की तर्ड़फना छोड दो,
तड़ेफते दिल की तर्ड़फ्न हो तुम,
धड़कतेऐ  दिल  की धरकन हो तुम,
टूटती हुई सासो की आश् हो तुम,
बीती हुएः बात की बास हो तुम,
तुम किसी के लिये कुछ भी हो तुम,
मेरे लिये तो खुदा से भी खास हो तुम,
कलियो से कह दो खिलना छोड दे,
फूलो से कह दो महकना छोड दे,
जब यह हो नही सकता फिर मुझसे कीयू,
कहते हो गम को छोड दे,
हवाओ से कह दो बहना छोड दे,
भोरो से कह दो मंडराना छोड दे,
जब ये हो नही सकता,
फिर मुझसे क्यू कहते हो,
की तर्ड़फना छोड दो.